Wed, 30 Sep 2026 · IST English

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सट्टा मटका क्या है?

सट्टा मटका अंकों पर आधारित सट्टे का खेल है, जो 1940–60 के दशक के बॉम्बे से शुरू हुआ और आज भी लाखों लोग इसके रोज़ के रिजल्ट और चार्ट देखते हैं। यहाँ जानिए इसकी शुरुआत कैसे हुई, रिजल्ट कैसे बनता है और चार्ट के नंबरों का क्या मतलब है।

सट्टा मटका की शुरुआत

आज़ादी से पहले "आंकड़ा जुगार" नाम का खेल चलता था, जिसमें लोग कपास (कॉटन) के खुलने और बंद होने के भाव पर दांव लगाते थे। ये भाव न्यूयॉर्क कॉटन एक्सचेंज से टेलीप्रिंटर के ज़रिए बॉम्बे कॉटन एक्सचेंज आते थे। 1961 में जब यह बंद हुआ, तो आयोजक पर्चियों पर नंबर लिखकर एक मिट्टी के घड़े यानी मटके में डालने और निकालने लगे। यहीं से इसका नाम "मटका" पड़ा।

1980 और 90 के दशक में यह कारोबार चरम पर था। रिपोर्टों के अनुसार तब हर महीने ₹500 करोड़ से ज़्यादा का सट्टा लगता था और अकेले मुंबई में 2,000 से ज़्यादा बुकी थे। 90 के दशक के बीच पुलिस की सख़्ती के बाद यह दूसरे राज्यों में फैला और धीरे-धीरे फ़ोन, रिजल्ट वेबसाइटों और ऐप पर आ गया। 2026 की प्राइम वीडियो सीरीज़ मटका किंग इसी दौर की कहानी पर बनी है।

रिजल्ट कैसे बनता है

हर बाज़ार दिन में दो बार रिजल्ट घोषित करता है: पहला ओपन और दूसरा क्लोज। हर बार तीन अंकों का एक नंबर आता है, जिसे पन्ना या पत्ती कहते हैं।

  1. पन्ने के अंक हमेशा बढ़ते क्रम में लिखे जाते हैं, और 0 को 10 माना जाता है। इसलिए 1, 4 और 0 से 140 बनता है। कुल 220 सही पन्ने होते हैं।
  2. पन्ने के अंक जोड़कर आख़िरी अंक लें। यही अंक है: 140 → 1 + 4 + 0 = 5।
  3. ओपन अंक और क्लोज अंक मिलकर दो अंकों की जोड़ी बनाते हैं।

इस साइट पर इस्तेमाल हर शब्द का मतलब सट्टा मटका शब्दावली में है। उदाहरण के लिए, रिजल्ट 147-22-679 का मतलब है: ओपन पन्ना 147 (1 + 4 + 7 = 12, अंक 2), क्लोज पन्ना 679 (6 + 7 + 9 = 22, अंक 2) और जोड़ी 22। क्लोज आने से पहले रिजल्ट आधा दिखता है: 147-2।

बाज़ार क्या होते हैं

"बाज़ार" एक ऑपरेटर होता है जो तय समय पर रिजल्ट घोषित करता है। सबसे मशहूर हैं कल्याण (ओपन शाम 4:35, क्लोज 6:35, सोमवार–शनिवार) और मेन बाजार (रात 10:00 और 12:10, सोमवार–शुक्रवार)। इनके अलावा मिलन डे और नाइट, राजधानी डे और नाइट, टाइम बाजार, श्रीदेवी, मधुर और सुप्रीम भी काफ़ी देखे जाते हैं। सभी बाज़ारों का समय हमारी टाइम टेबल में है।

गली, दिसावर, फरीदाबाद और गाज़ियाबाद जैसे "सट्टा किंग" खेल अलग तरह के हैं। उनमें दिन में सिर्फ़ एक दो-अंकों का नंबर आता है और कोई पन्ना नहीं होता।

मटका चार्ट

रोज़ के रिजल्ट चार्ट में रखे जाते हैं। जोड़ी चार्ट में हर हफ़्ते की एक लाइन होती है, जिसमें हर दिन की जोड़ी होती है। पैनल चार्ट में ओपन और क्लोज पन्ना भी होते हैं। पढ़ें: मटका चार्ट कैसे पढ़ें, या देखें सभी चार्ट।

कानून और जोखिम

भारत के ज़्यादातर हिस्सों में सट्टा मटका पर दांव लगाना गैर-कानूनी है। 1 मई 2026 से ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम 2025 ऑनलाइन पैसे वाले खेलों (मटका ऐप समेत) और उनके विज्ञापन पर भी रोक लगाता है। बुकी या ऐप पैसा न दे, तो कोई कानूनी सुरक्षा नहीं मिलती, और "फिक्स गेम" बेचने वाले हमेशा धोखेबाज़ होते हैं। पढ़ें: क्या सट्टा मटका लीगल है? और फिक्स गेम का सच।